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जामिया प्रशासन की दो-टूक, बिगड़ने नहीं देंगे माहौल, परिसर के गेट पर आरएएफ के जवान हुए तैनात

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हिंदी न्यूज़ NCRजामिया प्रशासन की दो-टूक, बिगड़ने नहीं देंगे माहौल, परिसर के गेट पर आरएएफ के जवान हुए तैनात

जामिया प्रशासन की दो-टूक, बिगड़ने नहीं देंगे माहौल, परिसर के गेट पर आरएएफ के जवान हुए तैनात

2002 के गुजरात दंगों पर विवादास्पद बीबीसी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग आयोजित करने के एलान के बाद जामिया मिलिया इस्लामिया में माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने विफल कर दिया है।

जामिया प्रशासन की दो-टूक, बिगड़ने नहीं देंगे माहौल, परिसर के गेट पर आरएएफ के जवान हुए तैनात

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जेएनयू में मंगलवार रात विवादित डॉक्यूमेट्री के प्रदर्शन को लेकर गरमाए विवाद के बाद बुधवार को जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में भी इसको लेकर हंगामा मच गया। वाम समर्थित छात्र संगठन ‘स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (एसएफआई) ने बुधवार को एलान किया कि परिसर के एससीआरसी लॉन गेट नंबर 8 पर बुधवार शाम को छह बजे पीएम मोदी पर बनी बीबीसी की विवादित डॉक्यूमेट्री को दिखाया जाएगा। इसके बाद जामिया प्रशासन हरकत में आया और सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा कि इस डॉक्यूमेट्री के प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

इसके बाद डॉक्यूमेट्री की स्क्रीनिंग को लेकर छात्र भी अड़ गए। माहौल बिगड़ता देख पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने हंगामा कर रहे कई छात्रों को हिरासत में ले लिया। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, अब एसएफआई ने दावा किया है कि दिल्ली पुलिस ने 70 से अधिक ऐसे छात्रों को हिरासत में लिया है जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर बनी बीबीसी की विवादित डॉक्यूमेट्री को दिखाने की घोषणा के बाद चार छात्रों को हिरासत में लिए जाने का विरोध करने के लिए में जामिया मिल्लिया इस्लामिया में जमा हुए थे।

जामिया प्रशासन ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि संज्ञान में आया है कि एक राजनैतिक संगठन से जुड़े कुछ छात्रों ने विश्वविद्यालय में विवादित वृतचित्र दिखाने को लेकर पर्चे बांटे हैं। डॉक्यूमेट्री के प्रदर्शन के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है। अधिकारियों की अनुमति के बिना छात्रों को सभा या बैठक अथवा किसी फिल्म के प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। जामिया प्रशासन ने चेतावनी देते हुए कहा कि उक्त आदेश का उल्लंघन करने वाले छात्रों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। 

जामिया प्रशासन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि विश्वविद्यालय उन तमाम लोगों और संगठनों पर नजर रख रहा है, जो परिसर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। बताया जाता है कि बीबीसी की विवादित डॉक्यूमेट्री की स्क्रीनिंग को रोकने और छात्रों को भीड़ कैंपस में बढ़ने से रोकने के लिए शाम को कुछ देर के लिए गेट संख्या छह और सात को बंद कर दिया गया। इससे कैंपस में मौजूद छात्र भड़क गए। छात्रों ने सवाल किया कि कैंपस के गेट बंद क्यों किए जा रहे हैं।

इस बीच छात्र संगठन एसएफआई की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि दिल्ली पुलिस ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्र और एसएफआई की जामिया इकाई के सचिव अजीज अन्य छात्र निवेद्द, अभिराम, तेजस को हिरासत में लिया गया। फिलहाल, पुलिस की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, देर शाम तक परिसर के बाहर छात्र जमा थे। दूसरी ओर वहीं बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है। त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ) के जवानों को भी गेट पर तैनात किया गया है।

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