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एक व्यक्ति का गुलाम, जनतंत्र पर काला साया; गणतंत्र दिवस इवेंट में जमकर बरसे केजरीवाल

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हिंदी न्यूज़ NCRएक व्यक्ति का गुलाम, जनतंत्र पर काला साया; गणतंत्र दिवस इवेंट में जमकर बरसे केजरीवाल

एक व्यक्ति का गुलाम, जनतंत्र पर काला साया; गणतंत्र दिवस इवेंट में जमकर बरसे केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है। गणतंत्र दिवस समारोह पर छत्रसाल स्टडियम में परेड की सलामी लेने के बाद केजरीवाल ने कहा कि जनतंत्र पर काला साया पड़ रहा है।

एक व्यक्ति का गुलाम, जनतंत्र पर काला साया; गणतंत्र दिवस इवेंट में जमकर बरसे केजरीवाल

Sudhir Jhaहिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 25 Jan 2023 12:18 PM

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है। गणतंत्र दिवस समारोह पर छत्रसाल स्टडियम में परेड की सलामी लेने के बाद केजरीवाल ने कहा कि आज जनतंत्र पर काला साया मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में चुनी हुई सरकारों को तंग किया जा रहा है। उन्होंने दिल्ली सरकार के कामकाज गिनाए तो चीनी आक्रामकता का जिक्र करते हुए चाइनीज सामानों के बहिष्कार की अपील भी की।

केजरीवाल ने कहा कि हम भारत के लोगों ने संविधान बनाया है। 74 वर्ष के अंदर देख रहे है कि इसके ऊपर भी आंच आने लगी है। 130 करोड़ भारत के लोग सुप्रीम है उनके ऊपर कोई नहीं है। जनता की चुनी हुई सरकारें सुप्रीम है। जनता वोट डालती सरकार चुनती है। जनता जो कहेगी सरकार वहीं करेगी। पिछले कुछ सालों में हम देख रहे है कि एक राज्य ऐसा है जहां पर वहां के राज्यपाल ने जनता की चुनी हुई सरकार कोई कानून पास करती है तो राज्यपाल उसपर दस्तखत करने को तैयार नहीं है। जो कानून जनता पास करें, जनता की चुनी हुई सरकार पास करें क्या वह एक आदमी रोक सकता है।

केजरीवाल ने कहा कि चुनी हुई सरकारों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंन कहा, ‘यह जनतंत्र नहीं है, जनतंत्र का मजाक उड़ाया जा रहा है। एक तरह से एक व्यक्ति विशेष के अंदर जनतंत्र को गुलाम बना दिया गया है। कई राज्य हैं जहां पर चुनी हुई सरकारें अपनी यूनिवर्सिटी में वाइस चांसलर बनाए तो वहां के राज्यपालों ने उन्हें हटा दिया। यह क्या बात हुई? इसके लिए तो हमने देश की आजादी नहीं ली थी, इसके लिए तो सेनानियों ने कुर्बानी नहीं दी थी। कई राज्य हैं जहां चुनी हुई सरकारों को हर दिन तंग किया जा रहा है। 74वें गणतंत्र दिवस पर पूरे देश को यह सोचना होगा कि कहीं हमारे जनतंत्र पर भी तो काला साया नहीं पड़ता जा रहा है, इससे कैसे निपटा जाए इसके लिए पूरे देश को सोचने की जरूरत है।’

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